CRS NEWS रायबरेली: रायबरेली, 19 अक्टूबर 2024 – करवा चौथ के पवित्र व्रत को लेकर शहर के सभी बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सजी-धजी दुकानों और रंग-बिरंगे करवों से सजे बाजारों में सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु के लिए व्रत की तैयारियों में जुटी नजर आ रही हैं। साड़ी, मेहंदी, और गहनों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखते ही बन रही है। खासकर, मिट्टी के बने करवे महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं, जो इस आधुनिक युग में भी पारंपरिकता को दर्शाते हैं।
बाजारों में इस बार खास बात यह देखने को मिल रही है कि अधिकांश महिलाओं ने ऑनलाइन शॉपिंग के बजाय बाजार से खरीदारी को प्राथमिकता दी है। त्योहार के इस मौके पर दुकानदारों का कहना है कि बिक्री में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिल रहा है।
करवा चौथ के व्रत की धार्मिक महत्ता भी कम नहीं है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवताओं और असुरों के बीच हुए युद्ध में जब देवता लगातार पराजित हो रहे थे, तब देव पत्नियों ने कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को उपवास रखकर अपने पतियों की विजय की प्रार्थना की थी। इसी के परिणामस्वरूप देवताओं ने जीत प्राप्त की थी। इसके साथ ही सावित्री और सत्यवान की कथा भी इस व्रत से जुड़ी है, जिसमें सावित्री ने अपने पति के प्राण यमराज से वापस मांगे थे।
करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोलती हैं। पति द्वारा जल ग्रहण कराने के बाद व्रत संपन्न होता है। इस व्रत को पूरे मन से करने वाली महिलाओं को सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है, ऐसा माना जाता है।
रायबरेली के बाजारों की यह रौनक और महिलाओं का उत्साह करवा चौथ की महत्ता और परंपरा को दर्शाता है।
