ऊंचाहार बीआरसी में दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण की मिसाल, डीएम हर्षिता माथुर ने वितरित किए सहायक उपकरण
ऊंचाहार, रायबरेली।
दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सोमवार को ऊंचाहार स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में एक प्रेरणादायी सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिलाधिकारी हर्षिता माथुर रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उप जिलाधिकारी राजेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
सहयोग से सशक्तिकरण की पहल
जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों दिव्यांग बच्चों को उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण वितरित किए गए। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने स्वयं बच्चों को व्हीलचेयर, ट्राई साइकिल सहित अन्य उपकरण प्रदान कर उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि “दिव्यांगता किसी की क्षमता को सीमित नहीं करती। सही मार्गदर्शन, सहयोग और संसाधन मिलने पर ये बच्चे समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।”
खुशी से खिल उठे बच्चों के चेहरे
उपकरण पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। अभिभावकों ने प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उनके बच्चों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आते हैं और शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाते हैं।
एनटीपीसी एवं महामना मालवीय सेवा संस्थान की सराहनीय भूमिका
ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए एनटीपीसी ऊंचाहार से संबद्ध महामना मालवीय सेवा संस्थान द्वारा सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए दिव्यांग बच्चों को कंबल भी वितरित किए गए। इस मानवीय पहल की सभी उपस्थित अधिकारियों और अभिभावकों ने मुक्त कंठ से सराहना की।
वितरित किए गए उपकरणों का विवरण
शिविर के दौरान कुल 14 श्रेणियों में सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें—
व्हीलचेयर (छोटी एवं बड़ी) – 24
सीपी चेयर – 14
टीएलएम किट (विभिन्न स्तर) – 47
ट्राई साइकिल (दाहिने हाथ व बड़ी) – 29
रोलेटर (बड़े एवं छोटे) – 16
क्रंच एल्बो (बड़ी एवं छोटी) – 56
ब्रेल किट एवं सुगम्य केन – 8
फोल्डेबल वाकर एवं अन्य सहायक सामग्री शामिल रहीं।
प्रशासन का संकल्प
उप जिलाधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी दिव्यांग बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा या सामान्य जीवन से वंचित न रहे। आगे भी ऐसे शिविर आयोजित कर जरूरतमंद बच्चों तक सहायता पहुंचाई जाएगी।
कार्यक्रम में बीआरसी के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम सकारात्मक ऊर्जा, उम्मीद और समावेशी समाज के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
