मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR में वोट बनाने का तरीका, और आसान कर दिया। जानकारी के आभाव में भटकते दिखे मतदाता!

CRS लखनऊ-UP। SIR में के अंतर्गत मतदाता पहचान में 2003 की मतदाता सूची से पुष्टि न हो पाने में वोट कटने का डर और नया वोट बनाए जाने की तमाम मुश्किलों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश ने काफी आसान कर दिया था परंतु इसके बाद भी लोगों को दर दर भटकते देखा गया है। मात्र इस कारण कि मतदाताओं को सही जानकारी बूथ पर अधिकारियों, BLO या BLA द्वारा भी नहीं मे सकी। 20 जनवरी 2026 मुख्य निर्वाचन कार्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा द्वारा विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के अन्तर्गत नागरिकों द्वारा भरे जाने वाले फार्म-6 के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया गया कि फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से भरा जायेगा। फार्म-6 में आवेदक का नाम व सही पता शुद्ध वर्तनी में, नवीनतम स्पष्ट फोटो एवं वर्तमान मोबाइल नम्बर अंकित किया जाना आवश्यक है।
उनके द्वारा फार्म-6 के साथ संलग्न किये जाने वाले आयु तथा निवास स्थान संबंधी अभिलेखों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि आयु के प्रमाण हेतु निम्न में से कोई एक अभिलेख दिया जा सकता है:-a-सक्षम स्तर द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
b-आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, e-हाईस्कूल/ इण्टरमीडिएट का प्रमाण-पत्र जिसमें, जन्म तिथि का उल्लेख हो,1-भारतीय पासपोर्ट,
जन्म तारीख के सबूत के लिए कोई अन्य दस्तावेज (यदि उपरोक्त अभिलेख उपलब्ध नहीं हो) उपरोक्त में से कोई अभिलेख उपलब्ध न होने की दशा में-(1) ऐसे मामलों में 18 से 21 आयु वर्ग के आवेदकों को अपने माता/पिता अथवा गुरू (तृतीय लिंग के संदर्भ) के हस्ताक्षर से शपथ पत्र(अनुलग्नक-27) के साथ बूथ लेवल अधिकारी/ सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
(ii) यदि उपरोक्त में से कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं है और माता/पिता भी जीवित न हों तो आवेदक ग्राम प्रधान/नगर निगम/नगर पंचायत के सदस्यों द्वारा प्रदत्त आयु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकता है। (ii) यदि आवेदक की आयु 21 वर्ष अथवा उससे अधिक है तो वह स्वयं बूथ लेवल अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आयु के संबंध में मात्र अपना घोषणा पत्र प्रस्तुत करेगा। निवास के प्रमाण हेतु निम्न में से कोई एक अभिलेख दिया जा सकता है:- a-उस पते पर पानी/बिजली,/गैस कनेक्शन बिल (कम से कम एक वर्ष का, b-आधार कार्ड। c-राष्ट्रीय/अनुसूचित बैंक/डाकघर की वर्तमान पास बुक, d-भारतीय पासपोर्ट, e- राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व अभिलेख, जिसमें किसान बहीं भी है 1- रजिस्ट्रीकृत किराया पट्टा विलेख (किरायेदार की दशा में।
4-रजिस्ट्रीकृत विक्रय विलेख (स्वयं के घर की दशा में) उपरोक्त में से कोई अभिलेख उपलब्ध न होने की दशा में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्थलीय सत्यापन कराया जाना आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत जमा किये जाने वाले फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र दिया जाना भी अनिवार्य हैं। घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की अंतिम मतदाता सूची में से स्वयं का अथवा अपने माता/पिता अथवा दादा/वादी या नाना/नानी में से किसी एक का विवरण, विधान सभा क्षेत्र संख्या, भाग संख्या तथा कम संख्या के साथ भरकर प्रस्तुत करना होगा। सही मैपिंग की दशा में आवेदक को कोई नोटिस निर्गत नहीं होगा।
