नगर की जनता मच्छर पानी और कूड़े से त्रस्त और पालिका प्रशासन मस्त!
तिलहर/शाहजहाँपुर-नगर पालिका प्रशासन तिलहर आपकी समस्याओं से मतलब नही रखता, यदि मतलब रखता है तो चंद तथाकथित रसूखदारो से जो मामूल (मामूल शब्द समझने वाले समझते हैं) के दम पर मिलीभगत का रुतबा रख सकते हैं आम आदमी को पेयजलापूर्ती मिले न मिले लेकिन वॉटर टेक्स 50 रुपये प्रति माह अब स्थाई तौर पर देना जरुरी हो गया!
मच्छरो की भरमाड़ से शाम होने से रात भर नही बल्कि दिन के उजाले में भी आम आदमी का जीना जैसे मुहाल है और पालिका प्रशासन फांगिक हवा में उड़ रही है या ज़मी से कई मीटर ऊपर लेकिन कहाँ..?
नगर में कचरे के ढ़ेर बढ़ रहे हैं और सफाई प्रतिदिन सुबह और शाम कहाँ और कैसे हो रही है यह सब जानते हैं! यहाँ हर शख्स वोट से मतलब रखता है जैसे लिया नही खरीदा हो कि जीत के बाद जनता की समस्याओं का बिना किसी शुल्क के निस्तारण नही!
अब हर काम के लिए अधिशासी अधिकारी या पालिका अध्यक्ष को फोन नही किया जा सकता न! बैसे भी फिलहाल वर्तमान में अधिशासी अधिकारी को जनता की समस्या सुनने की फुरसर कहाँ क्यूंकि इस समय पालिका सदन के आपसी मतभेद और दो कटरा नगर पंचायत का भार भी!
पालिका अध्यक्ष को क्या जरुरत पड़ी जो नगर की समस्याओं पर अपने दिमाग़ में माथा पच्ची की सरदर्दी मोल लें क्यूंकि चेयरमैन होने के बाद आज तक तो नगर के आम नागरिक से रुबरु हुई हो शायद, जीतने के बाद पीछे घूम कर देखने जरुरत इस लिए नही जाती कि सफाई कर्मी में भर्ती होकर नायक भूमिका निभाने से बढ़ कर चेयरपर्सन की भुमिका निभाने बाले दो चार व्यक्तित्व काम में लगे ही हैं!
