नगर पालिका परिषद द्वारा दबंगई की पोल तो धीरे धीरे ही खुलेगी!
तिलहर/शाहजहाँपर-सूचना अधिकार अधिनियम 2005 एवं उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली, 2015 के नियम 4(2)(क) के मुताबिक, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना पाने के लिए, मांगी गई जानकारी संबंधित लोक प्राधिकारी के रखे गए या उसके नियंत्रण में मौजूद अभिलेखों का हिस्सा होनी चाहिए!
तिलहर नगर स्थित जिन गाटा भूमियों पर तिलहर नगर पालिका परिषद अपना अधिकार जमा कर अतिक्रमण या अबैध कब्जा किए जाने का आरोप लगा कर नोटिस भेजने में एक पल नही लगाता, उन्ही गाटा भूमियों के सम्बन्ध में जब, सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत सूचना मांगी जाती है तो उत्तर में, उत्तर प्रदेश सूचना का अधिकार नियमावली, 2015 के नियम 4(2)(क) के मुताबिक, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सूचना पाने के लिए, मांगी गई जानकारी संबंधित लोक प्राधिकारी के रखे गए या उसके नियंत्रण में मौजूद अभिलेखों का हिस्सा होनी चाहिए, मिलता है! मतलब उक्त गाटा भूमियाँ नगर पालिका की हैं ही नही!
फिलहाल इसी सम्बन्ध में सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत चाही गई सूचना विगत वर्ष 2018 में मांगी थी उसमें गाटा भूमि 28,32,33,34, 35, 36,37,40, 42,43,44,51,52 व 60 रक़बा 3240 वर्ग मीटर को बड़ी ही मजबूती और विस्तृत तरीके से पालिका प्रशासन ने अपना बता कर तमाम गाटा भूमियों पर चल रहे अतिक्रमण पर नोटिस भेज कर नाक में दम कर दिया था!
