शाहजहाँपुर के तिलहर ब्लाक की आलमपुर ग्राम पंचायत दयनीय तस्वीर!


CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-ब्लाक तिलहर क्षेत्र की आलमपुर ग्राम पंचायत में ग्रामीणवासी अपने गांव के सौन्द्रीकरण की तस्वीर शयर करते हुए बताते हैं कि फिलहाल तो स्कूलो की छुट्टी है जो बच्चो का आवागमन बंद है लेकिन गांव में और भी लोग हैं जिनका प्रतिदिन गांव से बाहर, तहसील और जिला मुख्लाय तक आवागमन रहता है! विकास और सौन्द्रीकरण की इस दयनीय हालत से प्रतिदिन गुजरते हुए भी ग्राम प्रधान अपनी आँखे बंद किए नज़र आते हैं!
जनप्रतिनिधि की होड में अनेको प्रत्याशी वोट बैंक समझ कर गांव वालो से कोहनियों तक हाथ जोड़ कर मनुहार करते दिखाई पड़ते हैं लेकिन चुनाव निकलने के बाद…? चुनाव निकलने और जीतने के बाद इस गांव के ग्राम प्रधान मतलब नही रखते तो बिधायक और सासंद की बात करना ही बेमानी होगा!
देश में 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद माननीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण क्षेत्रो की तस्बीर बदलने के लिए देश के खजाने से करोड़ो खर्च करते हुए कई गांवो तो जनप्रतिनि को विकसित और सुन्दर बनाए रखने के लिए गोद भी दिए लेकिन जब गोद लिए गांवो की हालत ही दयनीय नज़र आ रही हो तो इस आलमपुर गांव का सैन्द्रीकरण और विकास कैसे होता! जबकि बहुत बड़ा बजट न सही बल्कि छोटे बजट में पानी के निकास के लिए नाली निर्माण हो जाती और सड़क की मरम्मत हो जाती, भले ही सड़क PWD की सही, लेकिन यह मुमकिन नही लगता! कहना गलत कदापि नही होगा कि ग्रामीण क्षेत्रो का विकास और सौन्द्रीकरण सिर्फ फायलो में हो रहा है जिससे सरकार का करोड़ो रुपया जहाँ लगना चाहिए, वहाँ न लग कर कहाँ जमा हो रहा है यह बताने की जरुरत नही!
