डलमऊ रायबरेली-
प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर मेला प्रशासन द्वारा की जाने वाली तानाशाही के चलते और इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ट्रैक्टर ट्राली पर सवारियां ले जाने पर रोक लगाने के क्रम में इस वर्ष डलमऊ गंगा तट पर लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी देखी गई है जिससे पूरे वर्ष कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर विभिन्न प्रकार के व्यापार और दुकानदारी मैं परिवार चलाने के लिए अच्छी कमाई का सपना देखने वाले के सपने धरे के धरे रह गए
कस्बे के तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष दिलीप कुमार मिश्रा संदीप कुमार सुधीर जायसवाल श्याम सुंदर भंवर जी तिवारी दीपक कुमार अजय कुमार आदि ने बताया कि प्रतिवर्ष मेला प्रशासन द्वारा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ विभिन्न प्रकार की बर्बरता की जाती है और अपना दामन बचाने के लिए आने वाले मेले को मेला क्षेत्र से दूर तराई क्षेत्रों में डायवर्जन कर दिया जाता है जहां श्रद्धालुओं के रुकने लिए समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं और जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा किए जाने वाले अभद्र व्यवहार और बर्बरता के चलते दिन पर दिन मेले में कमी हो रही है इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ट्रैक्टर डालियों पर सवारियां ढोने पर पाबंदी लगाने के साथ कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर हजारों की संख्या में आने वाली ट्रैक्टर ट्राली ओं में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आने से वंचित रह गए और इस वर्ष पिछले लगभग 10 वर्ष पहले आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या से आधी संख्या ही आ क गई
मेले में श्रद्धालुओं की कमी के चलते परिवहन विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गई और मेला क्षेत्र देखते ही देखते मंगलवार की देर शाम तक बिरानी में बदल गया

