7 जनवरी को जिलाधिकारी नहीं पहुंची शहीद स्थल
सी.एम. आफिस में धूल खा रहा आर.डी.ए. का भेजा गया प्रोजेक्ट
किसान शहीद स्मारक को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाय
प्रशासन की लापरवाही के चलते अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया शहीद स्थल
जिले के स्वास्थ्य शिक्षा विकास से जुडत्रे विभाग नदारत रहे
Report CRS रायबरेली, 9 जनवरी 2023 स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी परिवार के सदस्य एवं सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पूर्व डीजीसी (फौ0) ओपी यादव ने अपने साथियों के साथ शहीद चौक पर जाकर शहीद किसानों को नमन किया एवं शहीद स्तम्भ पर पुष्प चक्र अर्पित किया। इस अवसर श्री यादव ने कहा कि 7 जनवरी 1921 को मुंशीगंज में अंग्रेजों ने निहत्थां किसानों के ऊपर गोली चलायी उससे सैकड़ों किसानांे की जान चली गयी सईका पानी लाल हो गया था। यह घटना जलियावाले बाग से कम नहीं थी, लेकिन शहद किसानों की शहादत के प्रति सरकार की उदासीनता के कारण शहीद स्थल को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिलसकी है। 7 जनवरी के दिन जिलाधिकारी ने शहीद स्थल पर जाना गवांरा नहीं किया। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति का लाभ उठाते हुए शिक्षा-स्वास्थ्य एवं विकास विभाग भी नदारत रहे। शहीद स्थल पर प्रदर्शनी लगाना तो दूर रहा,विभागीय कमचारी एवं अधिकारी उपस्थित भी नहीं रहे। आर.डी.ए. द्वरा डी.एम. के माध्यम से सई नदी विकास योजना हेतु भेजा गया 4 करोड़ रूपये का प्रोजेक्ट मुख्यमन्त्री के यहाँ धूल खा रहा है। प्रशासन की लापरवाही के चलते शहीद स्थल अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया।सई नदी का बयां किनारा टूटा हुआ है, जिसमें आए दिन लोग गिरकर चोट खाते हैं। बच्चे अक्सर चोट खा जाते उसे प्रशासन ठीक नहीं करा रहा है। कदम पुल जो बनाया गया है उसके आस-पास उगी घास व झाडियों तक की सफाई नहीं की जाती है। शहीद स्मारक की साज-सज्जा के लिए लगाये गये चित्र व पुतले अव्यवस्था की भेंट चढ़ गये। शहीद स्थल पर सम्मानित किये जाने वाले व्यक्तियों के चयन का मानक क्या होगा, यह तय नहीं किया जाता है, जिससेसम्मान समारोह का कार्यक्रम मजाक बनकर रह जाता है, जिसकी वजह से किसान आन्दोलन में शहीद हुए एवं शामिल हुए किसानों के परिजनों को उचित सम्मान नहीं मिल पाता है। कुछ स्वार्थी तत्व अपनी व्यक्तिगत छवि ऊँची करने के चक्कर में पात्र व्यतियों की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं। श्री यादव ने सरकार से मुंशीगंज शहीद स्मारक को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाने की मांग की है।
