CRS NEWS रायबरेली : रायबरेली जिले में राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी अभियान अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो सका है। जिले में करीब 1 लाख 33 हजार 960 यूनिटों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। हालांकि, इसमें पांच साल तक के 27 हजार 986 बच्चों को छूट दी गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 22 लाख 1 हजार 445 यूनिट सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पंजीकृत हैं, जिनमें से 20 लाख 11 हजार 513 यूनिटों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।
जिले में पात्र अंत्योदय और पात्र गृहस्थी के कुल 5 लाख 61 हजार 657 राशन कार्ड हैं। अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो राशन, जबकि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट 5 किलो अनाज दिया जाता है। शासन की ओर से राशन कार्ड में दर्ज सभी यूनिटों की ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है।
करीब एक साल से ई-केवाईसी की प्रक्रिया चल रही थी। शासन के निर्देश पर एक अक्टूबर से बिना ई-केवाईसी वाले कार्डधारकों को राशन देने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा 31 दिसंबर के बाद भी बड़ी संख्या में लोग ई-केवाईसी नहीं करा सके। पिछले तीन से चार माह से कई कार्डधारकों को राशन भी नहीं मिल पाया है।
फिलहाल अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी ई-पॉश मशीन से ई-केवाईसी का कार्य जारी है, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार किसी भी समय बिना ई-केवाईसी वाले यूनिटों का नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है।
कहीं भी करा सकते हैं ई-केवाईसी
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत कोई भी राशन कार्डधारक किसी भी जिले की कोटे की दुकान पर ई-केवाईसी करा सकता है। इसके लिए केवल राशन कार्ड नंबर बताकर ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाना होगा।
जिला पूर्ति अधिकारी उबैदुर्रहमान ने बताया कि अंतिम तिथि के बाद भी ई-केवाईसी की जा रही है, लेकिन यह प्रक्रिया कभी भी बंद हो सकती है। इसलिए राशन कार्डधारकों को जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की सलाह दी गई है।