ऊँचाहार,रायबरेली। बिजली विभाग की भूमि पर दशक से कब्जा उसपर अवैध रूप से भवन निर्माण किया गया है। जिसपर आखिरकार गुरुवार को राजस्व टीम ने दुबारा नाप की है। बताते हैं कि मामले में बड़े स्तर से दबाव भी है। राजस्व टीम की दोबारा जाँच में बिजली विभाग की भूमि पर एक दर्जन भवन का अवैध निर्माण पाया गया है । रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है । अवैध भवनों पर बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है भवन स्वामियों में हलचल तेज हो गई है।
गौरतलब है कि विद्युत विभाग की भूमि पर कब्जा करके अवैध भवन निर्माण होने की खबर मीडिया में छाई रही जिसपर राजस्व प्रशासन ने दोबारा पैमाइश करायी है
दरअसल ऊँचाहार नगर के बीचो बीच विद्युत उपकेंद्र की करीब डेढ़ बीघा भूमि पर अवैध रूप से कब्जा हो चुका है । मामले में जब शिकायत हुई तो पता चला कि पूर्व में तैनात रहे विभागीय अधिकारियों से मिलकर लोगों ने कब्जा किया और उस भूमि को टुकड़ों में बेंच दिया और धन का उपार्जन कर लिया। कथित तौर पर बेची गई भूमि पर करीब एक दर्जन से अधिक भवनों का निर्माण हो चुका है जिसपर बुलडोजर चलना लगभग तय है। मामले में अधिशाषी अभियंता द्वारा राजस्व विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है । इसके बाद भूमि की पैमाइश हुई तो कई रसूखदार लोगों के भवन जद में आ गए है और उनमें बुलडोजर का खौफ बढ़ गया उनकी हलचलें तेज हो गई और अपने आकाओं मदद माँगने की कवायद शुरू कर दी थी जिसके बाद उच्च स्तर से दबाव शुरू हुआ जिसपर नये नक्शे से पैमाइश की मांग हुई थी । अब गुरुवार को नए नक्शे से नाप हुई है। दोबारा हुई नाप में भी करीब एक दर्जन मकान अवैध मिले हैं। बिजली विभाग की भूमि पर बने अवैध भवनों के स्वामी पर बुलडोजर का खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों की माने तो जल्द ही अवैध भवनों पर बुलडोजर चलवाकर ज़मींदोज किया जा सकता है। बिजली विभाग की भूमि पर बने भवनों का काग़जी कोरम पूरा कर लिया जायेगा। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी। भूमि नाम की पैमाइश टीम में राजस्व निरीक्षक कमलेश कुमार , सुशील कुमार , लेखापाल विनोद कुमार व पुष्पेंद्र सिंह शामिल थे ।
एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि नाप की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है । इसमें करीब एक दर्जन भवनों का निर्माण बिजली विभाग की भूमि पर पाया गया है ।
