रायबरेली । जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 12 से 27 मई तक घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जायेगी | इसके लिए शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं कोएक दिवसीय प्रशिक्षण दियागया |
जिला मलेरिया अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया – यह बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है | इसके लिए पूरा माइक्रो प्लान तैयार कर उसके अनुसार ही कार्य किया जाएगा | इसके तहत लक्षित आबादी को शत – प्रतिशत आच्छादित किया जायेगा |
फाइलेरिया इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग सबसे मजबूत कड़ी के रूप में काम कर रहा है ।यह अभियान तभी सफल होगा जब बेहतर माइक्रोप्लान बनाकर उसी के अनुसार क्रियान्वयन किया जाएगा | विश्व स्वास्थ्य संगठन पूरे अभियान की निगरानी करेगा, स्वयंसेवी संस्था पाथ तकनीकी सहयोग और प्रोजेक्ट कंसर्न इंटेरनेशनल (पीसीआई) सोशल मोबिलाइजेशन में मदद करेगा |
स्वयंसेवी संस्थापाथ से डा. इल्हाम जैदी ने बताया किआंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग में पूरा तंत्र खड़ा है | आप लोगों को दवा जरूर खिलाएं | दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को छोड़कर अन्य सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करना है | खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है |
पीसीआई से राजू तिवारी ने बताया कि दवा खिलाना हर हाल में सुनिश्चित करना है | कोई भी व्यक्ति दवा खाने से न रह जाए |
इस कार्यक्रम में सहायक मलेरिया अधिकारी अखिलेश सिंह, सुपरवाइजर अवधेश त्रिपाठी, अनिल सोनकर एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे |
क्या है फाइलेरिया ?
फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला संक्रामक रोग है, जिसे सामान्यतः हाथी पाँव के नाम से भी जाना जाता है |इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि आस-पास मच्छर पनपने ही न पाएँ | इसके अलावा साल में एक बार लगातार पाँचसालतक दवा का सेवन करने से इस बीमारी से बचा जा सकता है |
