पुलिस कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह, दोनो दलित छात्राओ की खोज में पुलिस के हाथ, 20 दिन बाद भी खाली, अटकलों पर चल रही जांच!
शाहजहांपुर/तिलहर-स्कूल ड्रेस में निकली दो चचेरी तहेरी दलित नाबालिग बहनों के लापता हो जाने के 20 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं! इस मामले मे निवर्तमान कोतवाल से लेकर, वर्तमान कोतवाल तक, रत्तीभर भी सफलता के आसपास नहीं पहुंच पा रहे है, जबकि वही पीड़ित पक्ष अपनी नाबालिग पुत्रियों के लिए लगातार पुलिस का सहयोग तक करने में लगे है!
बसपा यूनिट की कोशिश नाकाम होते देख 16 जनवरी को सपा नेत्री गायत्री वर्मा ने मोर्चा संभाला और उनके नेतृत्व में नाबालिग बालिकाओं की बरामदगी के लिए एसपी को ज्ञापन दिया गया था! इसी क्रम में सीओ ने शनिवार को जीजीआईसी से छात्राओं के संबंध में जानकारी जुटाई और कई सहेलियों को कोतवाली बुलाकर पूंछताछ भी की!
मामला बीते 29 दिसंबर 25 का है! नगर के मोहल्ला निजामगंज निवासी दलित संतोष कुमार की बेटी जीजीआईसी की कक्षा आठ की छात्रा मधु तथा संतोष के बड़े भाई किशन कुमार की बेटी कक्षा 11 की छात्रा स्कूल जाने को सुबह करीब नौ बजे घर से पैदल निकली थीं, जो शाम तक घर नहीं लौटीं थी, चिंतित परिजनों ने खोज से निराश होकर पुलिस की शरण ली और गुमशुदगी दर्ज कराई!
नाबालिक छात्राओं के काम हो जाने की सूचना पुलिस हरकत में आई! तत्कालीन कोतवाल राकेश कुमार सिंह व सीओ ज्योति यादव ने रस्ते के सीसीटीवी कैमरों को खंगालबाया, जिसमें बिरियागंज चौराहे से दोनों वहनों को स्कूल ड्रेस में ई रिक्शे पर बैठकर बाईपास जाते देखा गया, लेकिन इसके आगे उनका कोई सुराग नहीं मिल सका! सर्विलांस और पड़ताल के बाद उक्त लापता हुई छात्राओं की कई छात्र सहेलियों व पड़ोसी युवकों को हिरासत में लेकर लंबी पूंछताछ के बाद निष्कर्ष कोई नहीं निकला!
उधर वहीं पांच दिन बाद कोतवाल के स्थानांतरण के बाद नवागत कोतवाल जुगल किशोर पाल ने चार्ज संभाला और पड़ताल की! बसपा जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह पीड़ित परिवारों को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस से लड़कियों की बरामदगी की मांग की, लेकिन नतीजा फिर भी ही शून्य रहा! इसी क्रम में सपा नेत्री गायत्री वर्मा ने पीड़ित परिवारों के साथ एसपी राजेश द्विवेदी से भेंट की और दलित छात्राओं की बरामदगी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा! ज्ञापन के बाद पुलिस एक बार पुनः सक्रिय हुई! शनिवार को सीओ ज्योति यादव ने वीरियगंज चौकी इंचार्ज नितिन मलिक के साथ जीजीआईसी पहुंचकर दोनों छात्राओं की बाबत सघन जानकारी जुटाई!तदोपरांत वह निजामगंज पहुंचीं और वहां समीपस्थ परिवारों व छात्राओं की सहेलियों से मिलीं! बाद में निजामगंज व नई बस्ती की तीन स्कूली छात्राओं/सहेलियों को कोतवाली बुलाकर घंटों पूंछताछ की गई!
लंबा अरसा बीतने के बाद भी नाबालिक छात्राओं का पता न लगने के कारण परिवारी जन किसी अनिष्ट की आशंका से बेहद दुखी हैं तो वहीं 20 दिन बाद भी उक्त लापता छात्राओं का कोई सुराग न लग पाने से पुलिस के हाथ खाली है जिससे स्थानीय पुलिस कार्यशैली एवं नवागत कोतवाल, आमजन की नजर में प्रश्नचिन्ह बने हुए है!