नगर में मच्छरो का बढ़ा आतंक, पालिका की फांगिग व्यवस्था ठप्प! 


लाखो रुपये की कीटनाशक दवाओं का हो जाता हैं बंदरबाट!
CRS तिलहर/शाहजहाँपुर-मौसम के करबट बदलते ही नगर में मच्छरो का आतंक भी बढ़ता जा रहा है! रात के अंधेरे में ही नही बल्कि दिल उजाले में भी अब दो पल बैठना मच्छरो ने दुश्वार किया हुआ है! इस मामले की गंभीरता को लेकर नगर पालिका प्रशासन के सफाई अनुभाग द्वारा नगर में मच्छरो के प्रकोप पर अंकश लगाने के लिए फांगिग के रूप में दबाई का छिड़काव एक मात्र दिखावे से अधिक कुछ नही! फागिंग के नाम पर मिलावटी दबाई का छिड़काव मच्छरो के आतंक पर रत्तीभर कम करने में भी नाकाम है!
बताया जा रहा है कि नगर पालिका द्वारा, सफाई अनुभाग में कर्मचारी लगातार बढ़ाएं जा रहे हैं लेकिन इसके बाद भी नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप्प नज़र आ रही है! जहाँ एक ओर मोहल्लो की गलियों की सफाई ठीक से नही हो पा रही है तो वहीं नगर के सार्वजनिक स्थानो पर कूड़े के बड़े बड़े ढ़ेर गंदगी फैलाते बदबू छोड़ते नज़र आ रहे हैं!
स्टेशन रोड स्थित नाला कचरे और गंदे पानी से पूरी तरह कभी साफ नज़र नही आता तो वहीं नगर के बीच तहसील रोड पर तो कूड़ा जमा कर पालिका प्रशासन के सफाई अनुभाग ने डम्पिग ग्राऊँन्ड सा बना डाला और ऊपर से वहीं सामने सरकारी खाली पड़ी दुकानो में मछली बाजार की गन्दगी चार चाँद लगाने काम कर रही है! नपप कीटनाशक दबाओं की खरीद पर प्रतमाह लाखो रुपया सरकारी खर्च दिखा कर आखिर दबाई छिड़काव करा कहाँ देता है यह समझना बहुत मुश्किल है जिससे यही कहा जा सकता है कि लाखो रुपये का बंदरबाट हो रहा है!
सूत्र बताते हैं कि फरबरी 2024 से अब तक यानि लगभग गुजरे एक माह में ही नगर पालिका प्रशासन ने ठेका पद्दति के अन्तर्गत दर्जन भर से अधिक सफाई विभाग में ऐसे व्यक्तित्वो को प्रवेष दिया जिन्हे सफाई कार्य की abcd तक का पता नही, हाँ लेकिन उन्हे मोबाईल चलाना काफी स्वस्थ्य/ज्ञानबर्धक जरुर लगता है! ऐसे नगर की सफाई ही नही हो पा रही है तो गंदगी कम होना और मच्छरो से किसी हद तक निजात पाना पूरी तरह वेसूद लग रहा है!
सूत्रो की माने तो राज्य और केन्द्र स्तर सफाई और सौन्द्रीकरण पर लाखो ही नही करोड़ो रुपया एक दशक से लगातार खर्च किया जा रहा है लेकिन वो पैसा कहाँ खर्च हो रहा है, धरातल पर व्यवस्थाएं देख कर सहज ही अंदाज़ा लगाया जा सकता है! भारतीय जनता पार्टी की ईमानदार सरकार द्वारा जनहित के नाम लाखो रुपया खर्च करने के बाद भी तिलहर का कचरा तिलहर नगर की घनी आवादी के बीच ही डपिंग ग्राऊंड बना कर गंदी बदबू से दो चार होना किया जा रहा है और उस पर कीटनाशक का कभी छिड़काव होते भी देकने को नही मिलता! इस सम्बन्ध में जानकारी लेने के लिए जब कभी सम्बन्धितो को फोन किया जाता तो या फोन स्वीच ऑफ बताता या उठता ही नही!
