ऊंचाहार, रायबरेली। तहसील न्यायालय में अपर आयुक्त न्यायिक राजस्व परिषद के निरीक्षण से विभाग में हड़कंप मच गया। न्यायालय से प्राईवेट कर्मचारियों को उनके जाने तक बाहर कर दिया गया। उन्होंने कार्यालय में बैठकर पत्रावलियों की जांच की। अधिवक्ताओं ने समस्याओं को लेकर पत्र के माध्यम से निस्तारण कराने की अपील किया। दूर दराज से आए शिकायतकर्ताओं की समस्या सुनकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। जाते जाते उन्होंने एसडीएम व तहसीलदार को लम्बे समय से लम्बित वादों को जल्द निस्तारित करने के दिशा निर्देश दिए ।
बुधवार को अपर आयुक्त न्यायिक राजस्व परिषद मण्डल लखनऊ घनश्याम सिंह ने तहसील मुख्यालय पहुंच कर एसडीएम व तहसीलदार न्यायालय में लम्बे समय से लम्बित वाद की पत्रावली की जांच किया। लम्बे समय से लम्बित वादों के निस्तारण न होने पर एसडीएम सिध्दार्थ चौधरी से पूंछ तांछ की। इस दौरान सभी न्यायालय और कार्यालय से प्राईवेट कर्मचारी गायब रहे। उनमें भागम भाग मची रही वह परिसर के इर्द गिर्द नजर आए । हालांकि उनके जाते ही सभी प्राइवेट कर्मचारी वापस अपने अपने काम पर लौट गए। अपर आयुक्त राजस्व परिषद न्यायिक घनश्याम सिंह ने एसडीएम कार्यालय में बैठकर जलपान किया फिर न्यायालय की पत्रावलियों की जांच किया। तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष शिवगोपाल सिंह ने साथी अधिवक्ताओं राकेश चन्द्र उपाध्याय, आदि के साथ न्यायिक मामलों में हो रही समस्याओं को लिखित रूप से अवगत कराकर समाधान कराने की अपील की। इस दौरान क्षेत्र के गंज मजरे गंगौली निवासिनी रेखा देवी ने शिकायत किया की भूमि गाटा संख्या 1093/ रकबा 1.2580 में सी 0.0650 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में खलिहान दर्ज है। जिसपर राजस्व की धारा 67 के अंतर्गत वाद में विपक्षी के विरुद्ध बेदखली और जुर्माना की नोटिस करने का आदेश हुआ है किन्तु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जगतपुर की महिला ने स्थगन आदेश के बाद भी विपक्षियों पर जबरन निर्माण करने आरोप लगाने के साथ शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करने की शिकायत की है। तहसील क्षेत्र के सिद्धौर निवासी रण बहादुर सिंह ने शिकायत किया की राजस्व निरीक्षक ने बिना सीमांकन किए एसडीएम न्यायालय में पत्रावली वापस भेज दिया था समाधान दिवस में शिकायत के बाद अप्रमणित अभिलेख लगाकर रिपोर्ट दे दी। रण बहादुर सिंह विपक्षियों द्वारा किया गया कब्जा हटवाकर सीमांकन कराने की गुहार लगाई है। सभी शिकायतें सुनने के बाद अपर आयुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है की राजस्व न्यायालय में पुराने और लम्बे समय से लम्बित वादों को निस्तारण कराये जायें। इसी क्रम में न्यायालयों के पत्रावली की जांच की गई है।अधिवक्ताओं के हड़ताल और अन्य कारणों से वादों के निस्तारण में विलम्ब हो रहा है। इसके लिए आवाश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अपने आने का कारण न्यायालय की पत्रावली की जांच और योजित वादों को जल्द निस्तारित करवाने के दिशा निर्देश देना बताया है।
